संचारी रोग नियंत्रण तथा दस्तक अभियान प्रथम चरण 1 मार्च से 31 तक


सरकार इंसेफलाइटिस रोग के समूल उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध : सीडीओ


उत्तर प्रदेश (रायबरेली):- जिलाधिकारी शुभ्रा सक्सेना ने उत्तर प्रदेश शासन की निर्देशों के क्रम प्राथमिकता पर 1 मार्च से 31 मार्च तक चलने वाली प्रथम चरण संचारी रोग नियंत्रण तथा दस्तक अभियान मनाया जा रहा है। अभियान में अर्न्तविभागीय समन्वय से संचारी रोगां पर नियंत्रण हेतु संयुक्त प्रयास किये जाने के निर्देश मुख्य चिकित्साधिकारी संजय कुमार शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक गोयल सम्बन्धित अधिकारियों को दिये है। जनपद के समस्त ग्रामों में जलभराव के स्थानों पर लार्वा रोधी रसायन का नियमित छिड़काव किया जाये।


मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक गोयल व मुख्य चिकित्साधिकारी संजय कुमार शर्मा ने बचत भवन के सभागार में संचारी रोग नियंत्रण तथा दस्तक अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि एक्यूटइन्सेफलाइटिस सिंड्रोम या दिमागी बुखार एक गम्भीर बीमारी है जिसके कारण मृत्यु या अपगता भी हो सकती है। कोई भी बुखार दिमागी बुखार हो सकता है इसलिए बुखार को नजरदाज नही करना चाहिए। 1 मार्च से संचारी रोग नियंत्रण एवं अदस्तक अभियान में दिमागी बुखार एवं गम्भीर बीमारियों से लड़ने के लिए दस्तक अभियान शुरू किया जा रहा है। दस्तक अभियान दिमागी बुखार से बचाव एवं नियंत्रण के लिए व्यवहार परिवर्तन संचार अभियान है इस में स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर 1-15 वर्ष के आयु के बच्चों के माता-पिता को बीमारी से बचाव एवं उपचार की जानकारी देगे। कोई भी बीमारी दिमागी बुखार हो सकता है। ऐसी स्थिति में इलाज में देरी न की जाये। उन्होंने कहा कि संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान संचारी रोगों पर सरकार का सीधावार सुरक्षित होगा। जागरूकता को बढ़ाना चाहिए तथा अभियान को जन-जन से जोड़ने का आहवान किया गया तथा बचाव बीमारियों में महत्वपूर्ण तरीका है जिसे जानना चाहिए। सरकार इंसेफलाइटिस रोग के समूल उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिये कि चलाये जाने वाले अभियान के बारे में आम जन को अवगत कराये तथा अमल में लाये जाने को कहे।


मुख्य विकास अधिकारी ने संचारी रोग नियंत्रण तथा दस्तक अभियान की सफलता तथा मच्छरों के नाश के लिए नाली व गढ्ढा तथा जलभराव वाले स्थानों पर फॉगिंग मशीन द्वारा दवा भी छिड़की जाये। तथा लोगों को अभियान की सफलता के लिए साफ-सफाई स्वच्छ जरूरी के लिए जागरूक भी किया जाये। इस पर ध्यान दें। संचारी रोग नियंत्रण तथा दस्तक अभियान में कहा कि दिमागी बुखार को नियंत्रित करने से सबसे बड़ी समस्या इलाज में देरी है। अभियान के अन्तर्गत प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर दस्तक देंगे और दिमागी बुखार से बचाव और उपचार के तरीके बताएगे। वह लोगों को बताएंगे कि बुखार आते ही मरीज को नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाए, अपने घरों में और आस-पास सफाई रखें, जल भराव न होने दें, मच्छरों तथा चुहे-छछून्दरों से बचाव करें, स्वच्छ पेय जल का उपयोग करें और पशु-बाड़ों में सफाई रखें। या छोटे-छोटे उपाय बीमारियों के प्रकोप तथा इन से होने वाली क्षति को काफी हद तक कम कर सकते है।


इस अभियान के अन्तर्गत 1 मार्च से 31 मार्च तक के बीच जिला, ब्लाक और ग्राम पंचायत स्तर पर कई जन जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाऐ। अभियान के दौरान जानकारी के साथ दिमागी बुखार पर चौतरफावार भी होगा, जिसमें नियमित टीकाकरण के अन्तर्गत जेई टीकाकारण, मच्छरों से बचाव के लिए फॉगिंग, बुखार ग्रस्त कटाई, नालियों की सफाई, हैण्डपम्पों की मरम्मत और शौचालय निर्माण आदि शामिल है। 


मुख्य चिकित्साधिकारी संजय कुमार शर्मा ने कहा कि संचारी रोग नियंत्रण तथा दस्तक अभियान में सभी को पूरी तरह सहयोग करना होगा। प्रत्येक बच्चा अनमोल है और सही जानकारी एवं सही समय पर दिया गया इलाज उनकी जान बचा सकता है।


इस मौके पर सीएमएस रेनू श्रीवास्तव, मलेरिया अधिकारी रितु श्रीवास्तव, डीएस अस्थाना सहित समस्त सीएचसी आदि अधिकारी उपस्थित थे।





रायबरेली ब्यूरो:- अभिषेक बाजपेई