विजय प्रताप सिंह बने आल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन के उत्तर प्रदेश प्रभारी


लखनऊ:- राजधानी लखनऊ के रहने वाले श्री विजय प्रताप सिंह को फिल्म क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों के अधिकारों के प्रति आवाज़ उठाने और उनके मुद्दों पर कार्य करने वाली संस्था आल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) का उत्तर प्रदेश का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है ! सामाजिक कार्यकर्ता एवं विधि के छात्र रहे श्री विजय प्रताप सिंह बाल अधिकारों के मुद्दों पर कार्य करते रहे हैं और वर्तमान में फिल्म प्रोडक्शन के क्षेत्र से जुड़े हैं ! राजनीतिक सलाहकार के रूप में सक्रिय श्री विजय प्रताप सिंह उत्तर प्रदेश में फिल्म क्षेत्र में कार्य कर रहे सभी प्रतिनिधिओं से जुड़े मुद्दों को सरकार, मीडिया एवं बॉलीवुड में उठाते रहेंगे ! उत्तर प्रदेश में फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने, टीवी सीरियल को बढ़ावा देने, इस क्षेत्र में कार्य कर रहे अभिनेता, अभिनेत्री, लेखक, निर्देशक, फिल्म निर्माता, कैमरामैन, स्पॉट बॉय, फिल्म क्षेत्र में कार्य कर रहे सभी स्किल्ड और अनस्किल्ड कर्मचारिओं, मास कम्युनिकेशन के छात्र और छात्राओं के लिए कार्य करेंगे ! प्रदेश में आने वाले फ़िल्मी कलाकार, निर्माता और निर्देशकों को कैसे अच्छा माहौल मिले और बिना किसी मुश्किलों के उन्हें सरकार और आम जन का सहयोग प्राप्त हो सके इसके लिए AICWA सक्रियता से कार्य कर रही है ! AICWA के राष्ट्रीय अध्यक्ष ई० सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने श्री विजय प्रताप सिंह को उनकी नियुक्ति का पत्र लखनऊ में दिया ! ई० सुरेश गुप्ता मुंबई में महाराष्ट्र सरकार में फिल्म उद्योग की तरफ से सरकार द्वारा नामित प्रतिनिधि हैं !


AICWA का गठन फिल्म उद्योग में काम करने वाले कुशल और अकुशल मानव संसाधनों के मुद्दों को उठाने के लिए किया गया है। AICWA तब सबसे ज्यादा चर्चा में आया था जब इस संस्था ने बालाकोट हमले के बाद मशहूर बॉलीवुड गायक मीका को पकिस्तान में गाना गाने के बाद फिल्म इंडस्ट्री में कार्य करने से प्रतिबंधित किया था ! AICWA बॉलीवुड में काम कर रहे कलाकारों, लेखकों, निर्देशकों, कैमरामैन, तकनीकी कर्मचारियों, कुशल/अकुशल कर्मचारिओं, फिल्म निर्माता आदि जैसे सभी कर्मचारियों की आवाज, अधिकारों और मुद्दों को मजबूत करने के लिए एक मंच बनाने की दृष्टि से प्रतिबद्ध है और उनके लिए विगत कई वर्षों से कार्य कर रहा है ! 


AICWA यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है कि कलाकारों और फिल्म क्षेत्र में कार्य कर रहे अन्य सह कर्मचारी (पर्दे पर या पर्दे के पीछे) को भारत सरकार या संबंधित राज्य सरकार द्वारा निर्धारित चिकित्सा, न्यूनतम मजदूरी, पीएफ, बीमा और अन्य अनिवार्य लाभ जैसी सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए। यह ज्यादातर जगहों पर देखा जाता है की निजी प्रोडक्शन हाउस निर्धारित सरकारी नियमों और विनियमों के अनुसार न्यूनतम मजदूरी का भुगतान नहीं कर रहे हैं। गैर-कुशल श्रमिक विशेष रूप से मुख्य पीड़ित हैं।