दारागंज में दो दिवसीय प्रादेशिक अभ्यास वर्ग का शुभारंभ



मां, मातृभूमि व मातृभाषा का कोई विकल्प नहींःसत्यप्रकाश राय
मातृभाषा अभियान को लेकर अंतिम लक्ष्य तक पहुंचेगा भाभाअःकृष्ण पहल


प्रयागराज:- भारतीय भाषा अभियान पूर्वी भारत के तत्वावधान में प्रयागराज स्थित ठाकुर हरित माधव मंदिर, दारागंज में आयोजित दो दिवसीय प्रादेशिक अभ्यास वर्ग का शुभारंभ शनिवार को हुआ। क्षेत्रीय अभ्यास वर्ग में मुख्य वक्ता के तौर पर अधिवक्ता परिषद के राष्ट्रीय मंत्री सत्यप्रकाश राय एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के अपर महाधिवक्ता कृष्ण पहल उपस्थित रहे। वर्ग की अध्यक्षता क्षेत्रीय संयोजक कामेश्वरनाथ मिश्र ने किया।


तीन सत्रों में आयोजित होने वाले अभ्यास वर्ग का उद्घाटन दीप प्रज्जवलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया। इस मौके पर अतिथियों का बुके देकर स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय मंत्री अधिवक्ता परिषद सत्यप्रकाश राय ने प्रथम सत्र में कहा कि मां, मातृभूमि व मातृभाषा का कोई विकल्प नहीं है। न्यायालयों में आंग्लभाषा के बजाए अधिक से अधिक मातृभाषा हिन्दी का उपयोग होना चाहिए इसके लिए भारतीय भाषा अभियान ने मातृभाषा के प्रयोग के लिए आन्दोलन छेड़ रखा है। श्री राय ने कहा कि भारत से अंग्रेज तो चले गए लेकिन अंग्रेजियत भारत में ही छोड़ गए जिससे न्यायालयों के अलावा तमाम सरकारी दफ्तरों में आज भी आंग्लभाषा का प्रचुर मात्रा में प्रयोग किया जा रहा है। श्री राय ने भारतीय भाषा अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यही एकमात्र संगठन है जो मातृभाषा को लेकर पूरे देश में आन्दोलन कर रहा है और अब धीरे-धीरे उसका असर न्यायालयों के साथ-साथ सरकारी कार्यालयों में भी देखने को मिल रहा है।


विशिष्ट अतिथि प्रदेश के अपर महाधिवक्ता कृष्ण पहल ने कहा कि हम सभी को मिलकर एक साथ इस विषय पर सोचना होगा तभी देश में मातृभाषा का प्रचलन बढ़ेगा। आज भी बहुतायत लोग आंग्लभाषा में हस्ताक्षर करते हैं। मातृभाषा में हस्ताक्षर करने वाले लोग बहुत कम ही हैं। हमें इस भी ध्यान देना होगा। कहा कि भारतीय भाषा अभियान न्यायालयों में मातृभाषा को लेकर व्यापक लड़ाई लड़ रहा है। लोगों को हिन्दी के प्रति अपनी भावनाओं को जागृत करना होगा। किसी भी भाषा के लिए भाव की आवश्यकता होती है। भारतीय भाषा अभियान जिस मकसद से मातृभाषा का प्रचार प्रसार और उसके उपयोग को लेकर डटा है ऐसे में भारतीय भाषा अभियान इसे अंतिम लक्ष्य तक ले जाने में अवश्य सफल होगा।


कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भाभाअ के क्षेत्रीय संयोजक कामेश्वरनाथ मिश्रा ने अभियान के संबंध में समूचे देश से वर्ग में हिस्सा लेने आये लोगों को बताया। श्री मिश्र ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुसूची 8 में 22 भाषाओं का वर्णन है। संयोजक उ.प्र. राघवेन्द्र शुक्ल ने कहा कि अनुच्छेद 343 में भारत की भाषा में हिन्दी अनिवार्य भाषा है। आजादी के 72 वर्ष बाद भी भारत में मातृभाषा में कार्य नहीं हो पा रहा है।


वर्ग के दूसरे सत्र में भारतीय भाषाओं की संवैधानिक स्थिति-न्यायिक परिप्रेक्ष्य में विस्तृत चर्चा की गयी। जबकि तीसरे सत्र में परिचय वृत्त प्रतिवेदन एवं प्रश्नोत्तर का भी सत्र चला। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश की सह संयोजक अर्चना शर्मा ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन उत्तर प्रदेश के संयोजक राघवेन्द्र शुक्ल ने किया। इस मौके पर सह संयोजक आशीष राय, सह संयोजक उमेश शर्मा, क्षेत्रीय सह संयोजक संजय पाठक, हर गोविन्द उपाध्याय, सह संयोजक अखिलेश मिश्रा, संयोजक झारखण्ड सच्चिदानंद प्रसाद, डा.डी.के.तिवारी, हरवंश सिंह, गोरक्ष प्रांत के संयोजक रविन्द्र भूषण धर दूबे, काशी प्रांत के नागेन्द्र पाण्डेय, अवध प्रांत से महिला प्रमुख प्रतिभा सिंह, महिला प्रमुख साधना सिंह, राकेश कुमार शुक्ला, गौरव तिवारी, आशीष द्विवेदी, उमाशंकर मिश्र, मीडिया प्रभारी मनीष द्विवेदी, सहित 55 जनपदों से आये करीब डेढ़ सौ लोगों ने अभ्यास वर्ग में हिस्सा लिया।


रिपोर्टर:- संगीता शर्मा